नारेबाजी कर मन्दसौर को भी पटरी से उतारने की कोशिश तो नहीं?
Amu, जामिया, जेएनयू व शाहीनबाग का वायरस मंदसौर पहुँचा??
नीलम दरगाह पर लगाए गए आज़ादी के नारे!!!
मंदसौर। शहर में नीलम शाह दरगाह पर पिछले कुछ दिनों से NRC ओर CAA के विरोध में कुछ लोगो के द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। जिसमे कुछ महिला और कुछ पुरूष शामिल हुए, लगभग धरना 4 5 दिन से चल रहा था। धारा 144 के बावजूद यहां धरना दिया गया। प्रशासन भी ठोस कार्यवाही से बचता रहा! अब यहां आपत्तिजनक नारेबाजी के मामला सामने आया है!
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, जेएनयू, शाहीनबाग, जामिया से निकलकर वायरस मन्दसौर तक आ गया है? मगर इसके पीछे कौन लोग हैं जो कौम को बरगलाने लगे हैं, इसे लेकर प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है!
यहां धरने में बैठे लोगों खासकर महिलाओं को सीएए और एनआरसी के बारे में जानकारी ही नहीं थी! जब ख़बरवाला के रिपोर्टर ने इनके बीच बैठी कुछ महिलाओं से caa ओर nrc के बारे में सवाल करना चाहा तो उन्हें इसके बारे में बिल्कुल जानकारी नही थी और सवाल पर महिला को बोलने से रोक दिया गया और ख़बरवाला रिपोर्टर का माइक भी उस महिला के सामने से हटाने का कहा गया।
बीती रात आज़ादी सहित कुछ और आपत्तिजनक नारेबाजी हुई! सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। उससे यह देखने मे आ रहा है कि कुछ लोग यह भी कह रहे है कि उन्हें गरीबी से आज़ादी चाहिए! पर पिछले 5 दिनों से जो यहां बैठे है और यह गरीब भी है तो आखिर इनके पास 5 दिनों से पैसा कहा से आ रहा है ? कौन इन्हें मैनेज कर रहा है? क्योंकि जो लोग वहा बैठे है वे मजदूर वर्ग से आते हैं, जिनकी जीवनी रोज कमा खाकर चलती है। परंतु 5 दिन से बिना काम किये आखिर यह सब अपनी जीवनी कैसे चला रहे है, यह भी एक जांच का विषय है कि आखिर कौन है जो इन्हें मैनेज कर रहा है? सूत्र यह भी बताते है कि इन सभी को मैनेज करने के पीछे इंदौर व दिल्ली के तार हैं?